मध्य प्रदेश की उत्तरी भाग पर विन्ध्य क्षेत्र की सीमा पर उत्तर दिशा पर स्थिति हनुमान जी की नगरी हनुमना जो कि नव निधि सेवा समिति हनुमना द्वारा प्रेरणा श्रोत सद्गुरुदेव डॉ नारायण दत्त श्रीमाली जी की अहैतुकी कृपा से ग्राम - अमहा वासुदेव के आराजी क्र.512/1 के अंश भाग पर जन सहयोग से पारदेश्वर- महादेव-मंडपम् का भूमि पूजन दिनांक 30 जुलाई 1999 को 12 बजे दिन अभिजीत मुहूर्त में डॉ. रघुवंश प्रसाद शुक्ल के आचार्यत्व में श्री पं. पद्मनाथ शुक्ल अमहा पण्डितान,श्री संजय तिवारी निवासी भोपाल,श्री कृष्ण दत्त शुक्ल निवासी हनुमना, श्रीमती हीरावती शुक्ला निवासी हनुमना,श्री संत कुमार शुक्ला निवासी हनुमना,श्री कमल नारायण तिवारी निवासी हनुमना, श्री छोटेलाल तिवारी निवासी रीवा,श्री अंगद प्रसाद शर्मा निवासी रीवा,श्री अशोक त्रिपाठी निवासी रामपुर बाघेलान, श्री संगम लाल सोनी अध्यक्ष नगर पंचायत हनुमना, श्री बाला प्रसाद गुप्ता निवासी हनुमना, श्री गणेश प्रसाद मिश्रा(इंजीनियर टेलीफोन विभाग रीवा),श्री राम मिलन गुप्ता निवासी हनुमना, श्री श्रीनाथ गुप्ता निवासी हनुमना, श्री वासुदेव गुप्ता निवासी हनुमना, श्री ज्ञानदास गुप्ता निवासी हनुमना, श्री जोखू लाल सिंह परिहार, डॉ. सम्मपूर्णानंद द्विवेदी निवासी वाराणशी,श्री सुरेंद्र कुमार मिश्रा निवासी रीवा,श्री राधेश्याम गुप्ता उर्फ राधे मास्टर निवासी हनुमना,श्री ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दद्दू सिंह निवासी मझिगवां,श्री कुबेर शरण सिंह तत्कालीक तहसीलदार,श्री कृष्ण मुरारी गुप्ता,निवासी हनुमना,श्री ब्रह्मदत्त मिश्रा निवासी मुरैठा,श्री दया चंद्र गुप्ता निवासी हनुमना इत्यादि लोगो द्वारा शंख,घंटा बजाकर वेद मंत्रों से पूजन-अर्चन कर भूमि पूजन का कार्य सम्पन्न किया गया । जन सहयोग से सन 1999 से अनवरत मंदिर का कार्य अपने रूप में चलता रहा। सन् 2005 में मंदिर का कार्य पूर्ण होने पर दिनांक 17 जनवरी 2005 से दिनांक 21 जनवरी 2005 तक शास्त्रीय विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाकर 21 जनवरी 2005 को मुख्य यजमान श्री विजय कांत तिवारी सपत्निक ग्राम बेलवनिया ,सहायक यजमान श्री ए पी मिश्रा, रीवा,श्री जगदीश गुप्ता कटनी,संतोष सिंह वाराणशी श्री मदन चंद्र कचेर हनुमना डा. समीर सिंह सेंगर हनुमना,श्री सीताराम अकेला निवासी हनुमना, पारदेश्वर महादेव का विग्रह,डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली जी की आदम कद की पारद की मूर्ति सद्गुरुदेव निखिलेश्वरा नंद की पारद की चरण पादुका,ताम्र की नंदी महराज की प्रतिमा मुख्य द्वार पर कार्तिकेय एवम गणेश जी की प्रतिमा,माँ जगत जननी दुर्गा की प्रतिमा,पँचमुखी सीतेश्वर हनुमान जी की प्रतिमा,महाकाल भैरव बाबा की प्रतिमा,पृथक-पृथक निर्माण किये गए मंदिरों में स्थापित की गई ।भारी जन सैलाब के द्वारा हर हर महादेव के नारों के बीच गुरुसेवक श्री श्रीवास्तव जी (श्री निर्भयानंद महराज जी) एवम श्री श्री 1008 परमहंस बालयोगी शारदा शक्ति पीठ करकचहा जिला सीधी की छत्र छाया में एवम पं. श्री राम सागर शास्त्री तथा पं. डॉ. श्री दशरथ प्रसाद शुक्ल आदि आचार्यो के आचार्यत्व में कार्य सम्पादित हुआ ।