2005 से प्रत्येक वर्ष 19 से 21 जनवरी को मंदिर के स्थापना की वर्षगांठ मनाई जाती है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे हवन-पूजन, मंत्र अभिषेक किया जाता है और 21 जनवरी को भंडारा और प्रसाद वितरण किया जाता है।
वर्ष में प्रमुख त्योहार जैसे महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी, रामनवमी, चैत्र नवरात्रि, और शरद नवरात्रि पर दुर्गा सरस्वती का पाठ और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।